Singrauli News: पुलिस अधीक्षक ने जनसुनवाई में सुनीं आमजन की समस्याएं
Singrauli News: पाइपलाइन लीकेज से रोजाना बह रहा था लाखों लीटर पानी, निगम ने कराया सुधार
Singrauli News: डॉ. दीपिता वैश्य के जन्मदिन पर जिला अस्पताल को भेंट की गईं दो व्हीलचेयर
Singrauli News: मां तुझे प्रणाम योजना के लिए 22 सितंबर तक होंगे आवेदन
Singrauli News: चिकित्सक आवास में चल रहा था डायग्नोस्टिक सेंटर, संचालक पर एफआईआर दर्ज
Singrauli News: मोरवा पुलिस ने खदान में हुई चोरी का किया खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार
Singrauli News: मोरवा पुलिस ने खदान में हुई चोरी का किया खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार
Singrauli News: बैंक ऑफ महाराष्ट्र डकैती का आरोपी बिहार से गिरफ्तार, ₹79 हजार नकद बरामद
Singrauli News: निवास अस्पताल में डॉक्टरों का टोटा, एक चिकित्सक के भरोसे 33 पंचायतों की स्वास्थ्य व्
Singrauli News: BMO पर मनमानी और भेदभाव के आरोप, कर्मचारियों ने CMHO से की सामूहिक शिकायत
Online Gaming:
Online Gaming In India: भारत में ऑनलाइन गेम के आएंगे ‘अच्छे दिन’ आ गए हैं। वित्त वर्ष 2022 में भारत की गेमिंग मार्केट 2.6 अरब डॉलर पर पहुंच गई है। भारत का गेमिंग उद्योग 2016 में 54.30 करोड़ डालर का था। जो अब 2022 में 2.6 अरब डॉलर के पार पहुंच गया है। 2027 तक गेमिंग मार्केट 4 गुना बढकर 8.6 अरब डॉलर की बन सकती है। भारत में गेमिंग मार्केट की मौजूदा वृद्धि दर (CAGR) 27 प्रतिशत है।
रिपोर्ट में हुआ खुलासा
भारत में गेमिंग पर आधारित कैपिटल फंड वेंचर (Lumikai) की एक रिपोर्ट में बताया गया कि वित्त वर्ष 2022 में देश में 50.7 करोड़ गेमर्स थे, जिसमें से 12 करोड़ गेमर्स ऐसे हैं जो गेम के लिए पैसे का भी भुगतान करते हैं। कंपनी का कहना है कि 12 फीसदी के कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR ) के साथ वित्त वर्ष 2025 तक गेमर्स की संख्या 70 करोड़ पहुंच जाएगी
15 अरब नए गेम किए डाउनलोड
भारतीय गेमर्स सप्ताह का औसतन 8.5 घंटे मोबाइल गेम खेलने में बिता रहे हैं। वित्त वर्ष 2022 में भारत में 15 अरब नए गेम डाउनलोड किए गए। इसके साथ ही भारत दुनिया में सबसे ज्यादा मोबाइल गेम खेलने वाला देश बन गया। बता दें कि भारत में इस समय 900 गेमिंग कंपनियां काम कर रही हैं।
भारत में गेमर्स 50 करोड़
भारत में इस साल नए गेम खेलने वालों की संख्या 50 करोड़ के मार्क को पार कर गई, जबकि पिछले साल इनकी संख्या 45 करोड़ थी। देश में गेमर्स की संख्या बढ़ने और इसके लिए पेड यूजर्स के बढ़ने से गेमिंग इंडस्ट्री में काफी मजबूती देखी जा सकती है। डिजिटल माध्यम में समर्थ होने के साथ भारत विश्व में सबसे तेजी से बढ़ता बाजार बनने जा रहा है। भारत में गेमिंग उद्योग की भावी रूपरेखा पर परिचर्चा के लिए इस उद्योग के नामी पेशेवर और भागीदार एकत्रित हुए। भारत में अब 5जी के आने से गेमिंग मार्केट, क्लाउड गेमिंग, गेमिफिकेशन को और गति मिलेगी।
भारत में हर दूसरे-तीसरे व्यक्ति के हाथ में मोबाइल फ़ोन (Mobile Phone) आसानी से देखा जा सकता है। ज्यादातर युवाओं को मोबाइल गेम्स (Mobile Games) खेलने की आदत होती है। जिसे लेकर नया अपडेट सामने आ रहा है। भारत के गेमिंग मार्केट (Indian Gaming Industry) में 2.6 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। भारत में गेमिंग मार्केट की मौजूदा वृद्धि दर (CAGR) 27 प्रतिशत बढ़ गई है। 5 साल बाद 2027 तक यह बढ़कर 8.6 अरब डॉलर की मार्केट बन सकती है।
रोक के लिए किए गए हैं प्रयास
कई लोग ऑनलाइन गेमिंग को चिंता का विषय मान रहे हैं. युवाओं में इसके बढ़ते एडिक्शन को रोकने के लिए तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों ने ऑनलाइन गेम पर प्रतिबंध लगाए थे. हालांकि, इन राज्यों के संबंधित उच्च न्यायालयों ने इसे खारिज कर दिया. इसके अलावा अब इसे आदत ना बनने देने से रोकने के लिए कई कदं उठाए जा रहे हैं और इसकी मांग भी की जा रही है. इसके लिए सरकार टैक्स आदि के जरिए इस पर नकल कसने का प्रयास कर रही है.